https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1494766442523857 नहीं रहें हरियाणा की राजनीति के दूंरदर÷

नहीं रहें हरियाणा की राजनीति के दूंरदर÷

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 हरियाणा के पांच बार के मुख्यमंत्री रहें ओमप्रकाश चौटाला का 89 साल की उम्र में आज यानी शुक्रवार को निधन हो गया है। हरियाणा में ओमप्रकाश चौटाला की एक अच्छे वक्ता के रूप पहचान रही है । उनके बारे में ऐसा भी कहा जाता है कि वे अपने कार्यकर्ताओं के दुख को अपने समझते थे।       
प्रदेश के पांच बार मुख्यमंत्री रहे इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला का 89 साल की उम्र में शुक्रवार सुबह निधन हो गया। वह कुछ समय से अस्वस्थ चल रहे थे। तबीयत अधिक खराब होने पर उन्हें मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था।       

                                                                                                                                         ओमप्रकाश चौटाला की राजनीतिज्ञों में पहचान  ÷   



सिरसा जिले के गांव चौटाला में एक जनवरी 1935 को जन्मे ओमप्रकाश चौटाला की हरियाणा ही देश के दिग्गज राजनीतिज्ञों में पहचान रही। उनके पिता चौधरी देवीलाल हरियाणा के मुख्यमंत्री के साथ ही देश के उपप्रधानमंत्री भी रहे। ओमप्रकाश चौटाला सात बार विधायक रहे। तीन बार उपचुनाव में और चार बार आम चुनाव में जीत हासिल की थी। ।                                                                                       पांच बार रहें मुख्यमंत्री  ÷   वह पहली बार दो दिसंबर 1989 से 22 मई 1990 तक, दूसरी बार 12 जुलाई 1990 से 17 जुलाई 1990 तक, तीसरी बार 22 मार्च 1991 से छह अप्रैल 1991 तक और चौथी बार 24 जुलाई 1999 से पांच मार्च 2005 तक मुख्यमंत्री                                                                           राजनीति पर ग्रहण ÷   प्रदेश के बहुचर्चित भर्ती घोटाले में दोषी पाए जाने के बाद 2027 तक चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई थी। उनके भाई रणजीत सिंह चौटाला भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं। उनके बेटे डॉ. अजय सिंह चौटाला एवं अभय सिंह चौटाला हैं। डॉ. अजय सिंह चौटाला ने इनेलो से हटकर अपनी जननायक जनता पार्टी बना ली। उसके वह सुप्रीमो हैं।                                                                                                       बताया गया कि उनके पुत्र दुष्यंत चौटाला पीछे गठबंधन सरकार में उपमुख्यमंत्री रहे। इनेलो की बागडोर अभय सिंह चौटाला संभाल रहे हैं। अभय सिंह चौटाला के पुत्र भी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंच चुके हैं। इस तरह देवीलाल परिवार की चौथी पीढ़ी राजनीति में सक्रिय है।       

                                                                                                                                             हरियाणा में ओमप्रकाश चौटाला की पहचान  ÷   



प्रदेश में ओमप्रकाश चौटाला की पहचान एक अच्छे वक्ता के रूप में रही है। विरोधी भी उनका भाषण सुनने के लिए पहुंचते थे। वह इधर-उधर की बात न कर सीधी बात करते थे। उनकी एक अच्छे प्रशासक के रूप में भी पहचान रही। दिव्यांग होने के बाद भी मुख्यमंत्रित्व कार्यकाल के दौरान वह एक-एक दिन में 10 से अधिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेते थे। वह अपने अधिकतर कार्यकर्ताओं को नाम से जानते थे।                                                                                                                                 ओमप्रकाश चौटाला के करीब बीएस यादव ने बताया ÷   बताया गया कि कहीं भी सभा के दौरान मंच से ही पुराने कार्यकर्ता का नाम ले लेते थे। ओमप्रकाश चौटाला के करीबी रहे सहायक श्रम आयुक्त बीएस यादव का कहना है कि वह कार्यकर्ताओं का विशेष ध्यान रखते थे। निर्णय लेने से नहीं हिचकते थे। यही वजह रही कि उनके समय में प्रदेश का काफी विकास हुआ। योजनाएं समय पर पूरी होती थीं।                                                                                                                               अधिकारी को पता होता था कि वह कहीं भी किसी भी समय सवाल कर सकते हैं। इस वजह से सभी पूरी तैयारी के साथ रहते थे। जीवन में बहुत राजनीतिज्ञों को देखा, लेकिन ओमप्रकाश चौटाला जैसा व्यक्तित्व बहुत कम नेताओं में देखा। वह कार्यकर्ता के दुख को अपना दुख समझते थे।                                 ✍️   MANJEET SANSANIWAL                

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