हरियाणा सरकार का फैसला सरकारी नौकरी आसान
👉 हरियाणा सरकार ने पिछले वर्ग की क्रिमी लेयर की आय सीमा में वेतन और खेती से होने वाली आमदनी को शामिल नहीं करने का फैसला किया है। इससे लाखों लोगों को फायदा होगा। OBC वर्ग के युवाओं को सरकारी नौकरियों में बढ़ावा देने के लिए विशेष भर्ती अभियान भी चलाया जाएगा। OBC वर्ग समाज के विधार्थियों के लिए छात्रवृत्ति की भी व्यवस्था है।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के प्रमाण पत्र बनाने में किसी तरह की परेशानी नहीं आने दी जाएगी। ओबीसी प्रमाण पत्र घर बैठे ऑनलाइन बनवाए जा सकेंगे।
भाजपा सरकार ने पिछड़ा वर्ग के शैक्षणिक, सामाजिक व आर्थिक उत्थान तथा ओबीसी वर्ग के युवाओं को सरकारी नौकरियों में बढ़ावा देने के लिए पिछड़े वर्ग की क्रीमी लेयर की आय सीमा को छह लाख रुपये से बढ़ाकर आठ लाख रुपये वार्षिक कर दिया है।
केंद्र सरकार की तर्ज पर इस वार्षिक आय में वेतन और कृषि से अर्जित आय को शामिल नहीं किया जाएगा, जिससे ओबीसी वर्ग से जुड़े लाखों लोगों को फायदा होगा।
👉 रिक्त पदों को भरने के लिए चलेगा विशेष अभियान ➡️
हरियाणा सरकार द्वारा ओबीसी समाज के विद्यार्थियों के लिए 12 हजार से 20 हजार रुपये तक छात्रवृत्ति प्रदान की जा रही है, ताकि ओबीसी समाज से आने वाले विद्यार्थियों को किसी भी आर्थिक अभाव में अपनी शिक्षा छोड़ने पर मजबूर ना होना पड़े।
👉 पिछड़ा वर्ग A - को 8 फीसदी रिजर्वेशन ➡️
पिछड़ा वर्ग के समुचित विकास की योजनाओं को सिरे चढ़ाने के लिए भाजपा सरकार द्वारा हरियाणा पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन पहले ही किया जा चुका है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों के आधार पर पिछड़ा वर्ग-बी को पंचायती राज संस्थाओं और नगरपालिकाओं में पांच प्रतिशत तथा पिछड़ा वर्ग-ए को आठ प्रतिशत आरक्षण प्रदान किया जा चुका है।
वर्तमान में हरियाणा से भाजपा के पांच लोकसभा सदस्यों में से दो पिछड़ा वर्ग से हैं जो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कैबिनेट में मंत्री पद संभाल रहे हैं। राज्यसभा में भी एक सांसद पिछड़ा वर्ग से है। मुख्यमंत्री नायब सैनी स्वयं पिछड़ा वर्ग समाज का प्रतिनिधित्व करते हैं।