आंतकवादी संगठन हमास के कब्जे से बचाए गए एक बंधक ने दावा किया है कि अमेरिकी परिसरों में हमास के गुर्गे मौजूद हैं। बंधक बनाए गए पीड़ितों द्वारा दायर मुकदमे से पता चला है कि हमास के अपहरणकर्ता ने एक बंधक श्लोमी जिव से कहा था कि अमेरिकी परिसरों में संगठन के गुर्गे मौजूद हैं। आतंकवादियो ने उसे कोलंबिया विश्वविद्यालय में आयोजित विरोध प्रदर्शन के लेख और तस्वीरें भी दिखाई ।
आतंकवादी संगठन हमास के कब्जे से बचाए गए एक बंधक ने दावा किया है कि अमेरिकी परिसरों में हमास के गुर्गे मौजूद हैं। बंधक बनाए गए पीड़ितों द्वारा दायर मुकदमे से पता चला है कि हमास के अपहरणकर्ताओं ने एक बंधक श्लोमी जिव से कहा था कि अमेरिकी परिसरों में संगठन के गुर्गे मौजूद हैं। आतंकवादियों ने उसे कोलंबिया विश्वविद्यालय में आयोजित विरोध-प्रदर्शनों के लेख और तस्वीरें भी दिखाईं।
अमेरिकी गुर्गों के बारे में बताई बातें
द जेरूसलम पोस्ट के मुताबिक, जिव ने कहा कि हमास के अपहरणकर्ताओं ने अमेरिकी गुर्गों के बारे में बात करते समय आतंकवादियों द्वारा योजनाबद्ध विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख किया था। जिव नोवा म्यूजिक फेस्टिवल में एक सुरक्षा गार्ड के रूप में काम कर रहे थे।
246 दिनों तक गाजा में बंधक बनाकर रखा
उन्होंने आतंकवादियों का सामना किया और कई लोगों को बचाया। लेकिन, बाद में उन्हें बंधक बना लिया गया और गाजा ले जाया गया। पिछले साल जून में इजरायल डिफेंस फोर्स के ऑपरेशन में तीन अन्य बंदियों के साथ बचाए जाने से पहले उन्हें 246 दिनों तक गाजा में बंधक बनाकर रखा गया था।
गलती से ह्वाइट हाउस ने पत्रकार के साथ साझा की यमन युद्ध योजना
ट्रंप प्रशासन के एक शीर्ष पदाधिकारी ने गलती से एक मैसेजिंग समूह में युद्ध योजना की जानकारी सार्वजनिक कर दी जिसके कुछ ही देर बाद अमेरिका ने यमन के ईरान से जुड़े हाउतियों पर हमला कर दिया। इस समूह से दि अटलांटिक के प्रधान संपादक जेफरी गोल्डबर्ग भी जुड़े हैं।
डेमोक्रेटिक सांसदों ने इस पर हमला बोलते हुए कहा कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा में सेंध और कानून के उल्लंघन की कांग्रेस द्वारा अनिवार्य रूप से जांच की जानी चाहिए।
मैसेजिंग समूह में योजना के बारे में संचालन ब्योरा पोस्ट किया
जेफरी गोल्डबर्ग ने सोमवार को एक रिपोर्ट में कहा कि 13 मार्च को 'हाउती पीसी स्माल ग्रुप' कहे जाने वाले चैट ग्रुप में अप्रत्याशित रूप से उन्हें आमंत्रित किया गया था। हमला शुरू होने से पहले रक्षा मंत्री पेटे हेगसेथ ने मैसेजिंग समूह में योजना के बारे में संचालन ब्योरा पोस्ट किया। इसमें लक्ष्य के बारे में सूचना, तैनात किए जाने वाले अमेरिकी हथियारों और हमले के क्रम शामिल थे।
मैसेजिंग समूह से ये लोग भी जुड़े
जेफरी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि मैसेजिंग समूह से उपराष्ट्रपति, विदेश मंत्री, सीआइए निदेशक, राष्ट्रीय खुफिया निदेशक, वित्त मंत्री, व्हाइट हाउस के चीफ ऑफ स्टाफ और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के के वरिष्ठ अधिकारी जुड़े हैं।
✍️ मंजीत सनसनवाल 🤔