उच्च रक्तचाप
जब आप व्यायाम करते हैं या तनाव में होते हैं तो रक्तचाप का बढ़ना सामान्य है। लेकिन जब आप आराम कर रहे होते हैं तब भी दबाव बहुत अधिक होता है और बहुत लंबे समय तक बहुत अधिक रहता है, तो यह आपकी धमनियों को फैला सकता है और उन्हें नुकसान पहुंचा सकता है। उच्च रक्तचाप के कारण होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं में हृदय रोग, हृदय गति रुकना, स्ट्रोक, गुर्दे की क्षति, दृष्टि हानि, और स्मृति हानि और संज्ञानात्मक गिरावट शामिल हो सकती है। 👉 उच्च रक्तचाप कारण क्या है ➡️
उच्च रक्तचाप के कुछ मुख्य कारण नीचे दिए गए हैं 1. जीवनशैली: खराब आहार, व्यायाम की कमी, अत्यधिक शराब का सेवन, धूम्रपान और तनाव सभी उच्च रक्तचाप में योगदान कर सकते हैं। आहार में बहुत अधिक नमक का सेवन भी उच्च रक्तचाप को बढ़ा सकता है।
2. पीढ़ी दर पीढ़ी चली आ रही उच्च रक्तचाप की समस्या का एक कारण हो सकती है । यदि माता-पिता में से एक या दोनों को उच्च रक्तचाप है, तो व्यक्ति में उच्च रक्तचाप विकसित होने की अधिक संभावना है । 3. उम्र: उम्र के साथ ब्लड वेसल्स कम लचीली हो जाती हैं। साथ ही ब्लड वेसल्स में कॉन्ट्रैक्शन होने की संभावना अधिक हो जाती है, जिससे प्रेशर बढ़ जाता है।
4. अधिक वज़न: बढ़ते वज़न से हृदय पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे उच्च रक्तचाप बढ़ जाता है।
5. अन्य स्वास्थ्य स्थितियां: कुछ चिकित्सीय स्थितियां, जैसे डायबिटीज, किडनी रोग, थायरॉयड और स्लीप एपनिया उच्च रक्तचाप में योगदान कर सकती हैं। मधुमेह क्या है जाने के लिए यहां क्लिक करें
👉 उच्च रक्तचाप के लक्षण क्या हैं ➡️ उच्च रक्तचाप को अक्सर "साइलेंट किलर" कहा जाता है क्योंकि इसके लक्षण सामान्यतः स्पष्ट नहीं होते, लेकिन कुछ लोगों में निम्नलिखित लक्षण हो सकते हैं:
1. सिरदर्द, खासकर सुबह के समय
2. चक्कर आना
3. धुंधली या दोहरी दृष्टि
4. सीने में दर्द
5. सांस लेने में कठिनाई
6. थकान या कमजोरी
7. अनियमित दिल की धड़कन
8. नाक से खून आना (बहुत गंभीर मामलों में) 👉 उच्च रक्तचाप में क्या सावधानियां बरतनी चाहिए ➡️ 1. स्वस्थ आहार:
कम नमक, संतृप्त वसा और चीनी का सेवन करें। फलों, सब्जियों, साबुत अनाज और कम वसा वाले डेयरी उत्पादों का सेवन बढ़ाएं। पोटेशियम से भरपूर आहार (जैसे केले, संतरे, पालक) लें, जो उच्च रक्तचाप को नियंत्रित करने में मदद करता है। 2. नियमित व्यायाम:
सप्ताह में कम से कम 150 मिनट की मध्यम-तीव्रता की शारीरिक गतिविधि (जैसे चलना, तैराकी, साइकलिंग) करें। नियमित व्यायाम से वजन नियंत्रित रहता है और दिल की सेहत में सुधार होता है।
धूम्रपान और शराब से बचें:
धूम्रपान छोड़ें और शराब का सेवन सीमित करें। धूम्रपान से धमनियां संकरी हो जाती हैं, जिससे रक्तचाप बढ़ सकता है।
तनाव प्रबंधन:
योग, ध्यान और गहरी सांस लेने के व्यायाम से तनाव को कम करें। समय-समय पर आराम करें और अपने मनपसंद कार्यों में शामिल हों।
3. नियमित जांच:
नियमित रूप से रक्तचाप की जांच कराएं, खासकर अगर आप जोखिम में हैं। अगर आपका रक्तचाप सामान्य से अधिक है, तो डॉक्टर के परामर्श के अनुसार दवा लें।
👉 उच्च रक्तचाप कितना ख़तरनाक है ➡️
उच्च रक्तचाप गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं का कारण बन सकता है, जैसे धमनियों का सख्त और मोटा होना जिससे दिल का दौरा, स्ट्रोक या कभी-कभी मृत्यु हो सकती है। यह उसके अंगों में रक्त के प्रवाह को भी प्रभावित कर सकता है जिससे अंगों की हानि हो सकती है। इसके अलावा, उच्च रक्तचाप से अनियमित हृदय ताल और हृदय गति रुकने का जोखिम भी बढ़ जाता है।
उच्च रक्तचाप वाले लोगों में गुर्दे की विफलता विकसित होने का जोखिम भी काफी बढ़ जाता है । ऐसा इसलिए है क्योंकि उच्च दबाव गुर्दे में रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे उनकी प्रभावी ढंग से काम करने की क्षमता कम हो जाती है। 👉 उच्च रक्तचाप का इलाज ➡️ उच्च रक्तचाप से पीड़ित आधे से भी कम लोग इसे नियंत्रण में रख पाते हैं। लेकिन जब स्थिति का समय रहते पता चल जाता है और उचित उपचार किया जाता है, तो स्थिति बेहतर हो जाती है।
कभी-कभी उच्च रक्तचाप का इलाज केवल जीवनशैली में बदलाव करके किया जा सकता है, जो बचाव की पहली पंक्ति है। ब्लाहा के अनुसार, अन्य मामलों में, उपचार के लिए स्वस्थ जीवनशैली और दवाओं दोनों की आवश्यकता होती है।
रक्तचाप कम करने के लिए आपको यह करना चाहिए:
अपने डॉक्टर की सलाह का पालन करें। जिन लोगों को पहले से ही उच्च रक्तचाप है, उनके लिए लक्ष्य रक्तचाप को 140/90 से नीचे रखना है। (मधुमेह या क्रोनिक किडनी रोग वाले लोगों के लिए, लक्ष्य 130/80 हो सकता है।)
थोड़ा वजन कम करें। यदि आप अधिक वजन वाले या मोटे हैं, तो आप उपचार के पहले वर्ष में अपना वजन 5 प्रतिशत से 10 प्रतिशत तक कम करके स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को कम कर सकते हैं। अपने आहार में सोडियम की मात्रा सीमित रखें। प्रतिदिन 1,500 मिलीग्राम से कम सोडियम का सेवन करने का लक्ष्य रखें। कुछ प्रसंस्कृत खाद्य पदार्थों से सावधान रहें, जैसे कि बेक्ड सामान, ब्रेकफास्ट अनाज, मफिन और केक - इनमें अधिकांश आहारों में 75 प्रतिशत सोडियम होता है।
पोटेशियम युक्त खाद्य पदार्थों का अधिक सेवन करें। यह पोषक तत्व सोडियम के प्रभाव को सीमित कर सकता है। पोटेशियम के अच्छे स्रोतों में शकरकंद, पालक और अन्य साग, केले, मशरूम, किशमिश और खजूर, तथा लीमा बीन्स और मटर शामिल हैं। अपने डॉक्टर की अनुमति के बिना किसी भी पोटेशियम सप्लीमेंट या नमक के विकल्प (जिसमें अक्सर पोटेशियम होता है) से बचना सबसे अच्छा है।
संपूर्ण हृदय-स्वस्थ आहार का पालन करें । हृदय स्वास्थ्य के लिए भूमध्यसागरीय शैली के आहार की सिफारिश की जाती है। एक बहुत ही समान आहार, जिसे DASH आहार कहा जाता है , सोडियम का सेवन कम करता है और फलों और सब्जियों और कम संतृप्त वसा पर जोर देता है।
1. ज़्यादा से ज़्यादा व्यायाम करें। एक अच्छा दिशानिर्देश: सप्ताह के ज़्यादातर दिनों में प्रतिदिन 30 मिनट एरोबिक व्यायाम (तेज़ चलना, दौड़ना, तैरना) करने का लक्ष्य रखें। अगर आप व्यायाम के लिए नए हैं, तो वर्कआउट प्रोग्राम शुरू करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह लें।
2. धूम्रपान छोड़ें। अपने डॉक्टर से उन सहायता कार्यक्रमों के बारे में बात करें जो आपकी मदद कर सकते हैं।
3. दवाएँ डॉक्टर द्वारा बताए अनुसार लें। चूँकि उच्च रक्तचाप के लिए दवाएँ अलग-अलग तरीके से काम करती हैं, इसलिए आपको एक से ज़्यादा दवाएँ दी जा सकती हैं।
4. अगर आपको रक्तचाप की दवाइयों से कोई दुष्प्रभाव नज़र आए तो तुरंत अपने डॉक्टर को बताएं। दवाइयों को निर्देशानुसार लें और डॉक्टर से सलाह लिए बिना कभी भी उनका इस्तेमाल बंद न करें।
5. बहुत अधिक रक्तचाप के चेतावनी संकेतों को जानें। अधिकांश मामलों में स्थिति लक्षणहीन होती है, लेकिन खतरनाक रूप से उच्च रक्तचाप के चरम मामलों में, व्यक्ति को कानों में बजना, चक्कर आना, सिरदर्द, नाक से खून आना, हाथों और पैरों में झुनझुनी या सुन्नता, उनींदापन या भ्रम की स्थिति हो सकती है।
6. घर पर अपना रक्तचाप मापने का तरीका जानें। ब्लाहा कहते हैं कि इसे सीखना आसान है, यह उपकरण फार्मेसियों और अन्य जगहों पर आसानी से उपलब्ध हैं, और आपका डॉक्टर आपको यह बता सकता है कि यह कैसे किया जाता है। 👉 उच्च रक्तचाप के लिए किए जाने वाले घरेलू उपचार ➡️
1. उच्च रक्तचाप के मुख्य कारणों में से एक है आपके रक्त का गाढ़ा होना। रक्त गाढ़ा होने से उसका प्रवाह धीमा हो जाता है। जिससे नसों और धमनियों पर दबाव पड़ता है। लहसुन में बहुत हीं ताकतवर एंटीओक्सीडेनट्स , जैसे कि सेलेनियम, विटामिन सी और एलीसीन होते है, जो कि रक्त को पतला करने में काफी प्रभावशाली होते हैं। इसीलिए सुबह सुबह कच्चे लहसुन के दो तीन कली के टुकड़े चबाने से या उसके महीन टुकड़े करके निगलने से काफी फायदा पहुँचता है।
2. नमक उच्च रक्तचाप बढाने वाला प्रमुख कारक है, इसलिए उच्च रक्तचाप वालों को नमक का प्रयोग कम करना चाहिए।
3. एक चम्मच आंवले का रस और एक ही चम्मच शहद मिलाकर सुबह-शाम लेने से हाई ब्लड प्रेशर में बहुत लाभ होता है।
4. उच्च रक्तचाप मरीजों के लिए पपीता भी बहुत लाभकारी है, इसे खाली पेट चबा-चबाकर खाना चाहिए ।
5. तरबूज के बीज तथा खसखस को अलग-अलग पीसकर बराबर मात्रा में मिलाकर रख लें। प्रतिदिन खाली पेट एक चम्मच पानी के साथ लें।
6. गाजर और पालक का रस मिलाकर एक गिलास सुबह-शाम पीने से लाभ मिलता है।
7. उच्च रक्तचाप जल्दी कंट्रोल करने के लिये आधा गिलास पानी में आधा नींबू निचोड़कर 2-2 घंटे के अंतर से पीना चाहिए।
8. उच्च रक्तचाप बढा हुआ हो तो आधा गिलास हल्के गर्म पानी में एक चम्मच काली मिर्च पाउडर घोलकर 2-2 घंटे में पीते रहें।
9. करेला और सहजन की फ़ली का नित्य सेवन उच्च रक्त चाप में परम हितकारी हैं।
10. सौंफ़, जीरा, शक्कर तीनों को बराबर लेकर पाउडर बना लें। इसे एक चम्मच एक गिलास पानी में घोलकर सुबह-शाम पीने से लाभ हो
ता है। 11 उच्च रक्तचाप में पांच तुलसी के पत्ते तथा दो नीम की पत्तियों को पीसकर 20 ग्राम पानी में घोलकर खाली पेट सुबह पिएं।
12. उच्च रक्त चाप में मरीजों को सुबह शाम एक टुकड़ा अदरक का काली मिर्च के साथ चूसना चाहिए ।
13. लाल मिर्च के सेवन से नसें और रक्त वाहिकाएं चौड़ी हो जाती हैं,जिससे रक्त प्रवाह सहज हो जाता है और रक्तचाप नीचे आ जाता है।
14. बिना आते से चोकर निकाले गेहूं व चने के आटे को बराबर मात्रा में लेकर बनाई गई रोटी खूब चबा-चबाकर खानी चाहिए ।
15. पाँच ग्राम मेथीदाना पावडर द्रह दिनों तक सुबह-शाम पानी के साथ लें। इससे भी लाभ मिलता है।
16. प्रतिदिन नंगे पैर हरी घास पर 10-15 मिनट जरूर चलें, इससे उच्च रक्तचाप में लाभ मिलता है। ✍️ मंजीत सनसनवाल 🤔