संयुक्त राज्य अमेरिका पर साइबर अटैक
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अमेरिका पर साइबर अटैक |
थर्ड पार्टी सर्विस प्रोवाइडर की सेवाएं ऑफलाइन कर दी गई हैं और इस बात के कोई सबूत नहीं है कि हैकरों के पास ट्रेजरी के सिस्टम या इंफॉर्मेशन का एक्सेस हो। - ट्रेजपी डिपार्टमेंट प्रवक्ता लंबे समय तक नहीं लगी भनक ÷ सीनेट बैंकिग कमेटी को लिखे पत्र में ट्रेजरी ने कहा, 'उपलब्ध संकेतों के आधार पर यह पता चलता है कि इस साइबर हमले के तार चीनी सरकार द्वारा प्रायोजित एडवांस पर्सिस्टेंट थ्रेट से जुड़े हैं।' एडवांस पर्सिस्टेंट थ्रेट उन साइबर हमलों को कहा जाता है, जिसमें कोई हैकर किसी सिस्टम का अनधिकृत रूप से प्रवेश पा जाता है, लेकिन लंबे वक्त तक इसकी भनक नहीं लग पाती। रिपोर्ट की जाएगी जारी ÷ हालांकि डिपार्टमेंट ने इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी कि सुरक्षा में सेंध के क्या प्रभाव पड़ा है। उनकी तरफ से कहा गया है कि इस संबंध में अधिक जानकारी के साथ एक सप्लीमेंट्री रिपोर्ट जारी की जाएगी।
अधिकारियों ने कहा कि डिपार्टमेंट यूएस के फाइनेंशियल सिस्टम को खतरों से बचाने के लिए काम करता रहेगा। ट्रेजरी ने प्रवक्ता ने एक बयान में कहा कि 'डिपार्टमेंट अपने डाटा और सिस्टम के खिलाफ पैदा हुए किसी भी खतरे को काफी गंभीरता से लेता है।' चीन पर लएं आरोप ÷ अमेरिका समेत दूसरे कई देशों ने बीते कुछ समय में कई बार चीन की सरकार पर हैकरों की मदद से उनके सरकारी, सैन्य और व्यवसायिक विभागों पर साइबर टारगेट करने का आरोप लगाया है। हालांकि चीन ने इन सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि वह किसी भी तरह के साइबर हमले के खिलाफ है। सितंबर में यूएस जस्टिस डिपार्टमेंट ने 2 लाख डिवाइस को निशाना बनाने वाले साइबर अटैक नेटवर्क को खत्म करने का दावा किया था। इसके भी तार चीन से जुड़े थे।
इसके पहले टी-मोबाइल सहित कई अमेरिकी दूरसंचार कंपनियों को भी चीनी हैकरों ने निशाना बनाया था। ✍️ मंजीत सनसनवाल