एक लेख बख्त़ खां पर
👉 इस आर्टिकल में बख्त़ खां जो एक स्वतंत्रता सेनानी था के बारे में चर्चा करें। हमारे देश को आजाद कराने में बख्त़ खां का भी योगदान है। तो चलीए थोड़ी से चर्चा बख्त़ खां पर करते हैं। जन्म :
सन् 1797 ई.,बिजनौर, रोहिलखंड, भारत
स्वर्गवास :
सन् 1859 ई.,बुनेर, पाकिस्तान
उपलब्धियां :
बख़्त ख़ां विद्रोहियों द्वारा घोषित स्वतंत्र भारतीय सरकार में प्रधान नेता बनकर उभरे। नाममात्र के मुग़ल बादशाह पर नियंत्रण रखने के लिए उन्होंने एक प्रशासित दरबार स्थापित किया, जिसके सदस्य सेना व सरकारी विभागों द्वारा चुने गए। बख़्त ख़ाँ अग्रेज़ विरोधी भारतीय विद्रोह (1857) के आरंभिक चरण में वह विद्रोह टुकड़ियों के सेना प्रमुख थे। मातृ पक्ष से अवध (1856 में अंग्रेज़ो द्वारा सत्ताच्युत) के शासक परिवार से संबंधित बख़्त ख़ां ने ब्रिटिश ईस्ट इंडिया कंपनी की सेना में कई वर्षों तक तोपख़ाना प्रमुख के पद पर काम किया।
मई सन् 1857 ई. में विद्रोह भड़कने पर उन्होंने दिल्ली जा रही अपनी टुकड़ी का नेतृत्व किया। जहाँ बख़्त ख़ां विद्रोहियों द्वारा घोषित स्वतंत्र भारतीय सरकार में प्रधान नेता बनकर उभरे। नाममात्र के मुग़ल बादशाह पर नियंत्रण रखने के लिए उन्होंने एक प्रशासित दरबार स्थापित किया, जिसके सदस्य सेना व सरकारी विभागों द्वारा चुने गए। कहा जाता है कि सितंबर में अंग्रेज़ों द्वारा दिल्ली से बाहर निकाले जाने के बाद विद्रोह के अंतिम दिनों में चल रही लड़ाई के दौरान सन् 1859 ई. में उनकी मृत्यु हो गई। ✍️ मंजीत सनसनवाल 🤔