https://pagead2.googlesyndication.com/pagead/js/adsbygoogle.js?client=ca-pub-1494766442523857 अगर यह देश को बचाता है , तो यह अवैध नहीं है , क़ानूनी चुनौतियों को लेकर ट्रंप ने सोशल मीडिया एक्स पर ऐसा क्यों लिखा

अगर यह देश को बचाता है , तो यह अवैध नहीं है , क़ानूनी चुनौतियों को लेकर ट्रंप ने सोशल मीडिया एक्स पर ऐसा क्यों लिखा

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा कि अगर यह देश को बचाता है तो अवैध नहीं है। इसके बाद ट्रंप के विरोधियों ने उनके इस वाक्य को नेपोलियन बोनापार्ट से जोड़ दिया और ट्रंप को तानाशाह तक बोल दिया। फिलहाल ट्रंप अपने की फैसलों को लेकर पूरी दुनिया में चर्चा में बने हुए हैं उसमें से एक है रेसिप्रोकल टैरिफ।



अगर यह देश को बचाता है , तो यह अवैध नहीं है , कानूनी चुनौतियों को लेकर ट्रंप ने सोशल मीडिया एक्स पर ऐसा क्यों लिखा








 अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 20 जनवरी को अपना पदभार संभाला था। इसके बाद से ही वो आए दिन चर्चा में बने रहते हैं। हाल ही में उन्होंने सभी देशों पर जैसे को तैसा टैरिफ लगाकर सबको चौंका दिया था, तो अब उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर अपनी कानूनी चुनौतियों को लेकर एक पोस्ट किया है।

 



नेपोलियन और ट्रंप की क्यों हो रही है तुलना ➡️



 अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को सोशल मीडिया पर कई कानूनी चुनौतियों के सामने अपने कार्यकारी अधिकार की सीमाओं के प्रति निरंतर प्रतिरोध का संकेत दिया। उन्होंने लिखा, "अगर यह देश को बचाता है, तो ये अवैध नहीं है"।


रिपब्लिकन ट्रम्प ने अपने सोशल नेटवर्क पर घोषणा की, "जो अपने देश को बचाता है वह किसी भी कानून का उल्लंघन नहीं करता है।" ट्रंप के विरोधियों ने इस वाक्य का श्रेय फ्रांसीसी सैन्य नेता नेपोलियन बोनापार्ट को दिया है, जिसने खुद को सम्राट घोषित करने से पहले 1804 में नागरिक कानून का नेपोलियन कोड बनाया था। 



ट्रंप के विरोधी ने उन्हें बताया तानाशाह ➡️


 ट्रंप के लंबे समय से विरोधी रहे कैलिफोर्निया के सीनेटर एडम शिफ ने उनपर निशाना साधते हुए एक्स पर लिखा, "एक सच्चे तानाशाह की तरह बात की।"


डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि वह अदालत के फैसलों का पालन करते हैं। हालांकि उनके सलाहकारों ने सोशल मीडिया पर न्यायाधीशों पर निशाना साधा है और उनपर महाभियोग का आह्वान किया है।




राष्ट्रपति ऐसा करे तो वो अवैध नहीं ➡️



 वाशिंगटन के वकील नॉर्म ईसेन, जिन्होंने शिफ़ की तरह ट्रम्प के दो महाभियोग परीक्षणों में से पहले में एक में काम किया था, उन्होंने कहा कि ट्रम्प के वकीलों ने बार-बार यह तर्क देने की कोशिश की है कि यदि राष्ट्रपति ऐसा करते हैं, तो यह अवैध नहीं है।                                                                                                   ✍️  मंजीत सनसनवाल 🤔

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